थारु साहित्य

‘डुटिया’ ह्यारबेर

जब मनै इ ढरटिम पहिला पैला ट्याकट टबसे वाकर जिनगि जिना संघर्स सुरु हुइट । आपन जिनगि जियक लाग संघर्स कर भिरठ् ।...


पुनाराम कर्याबरिक्का

पुनाराम कर्याबरिक्का

गजल

का कमि रहे हेर्ना उ नजर भुलाडेलो ।साँझके सिटरैना उ नहर भुलाडेलो । दुई मुटुके मिलन हुइना गुरही चोकमे,मोर घरे ओर...


विश्वदेव चौधरी

विश्वदेव चौधरी

गजल

जहर डंगौराजान पहिचान, मनैनके जवानी हो ।जिन्गी सँचमे, समुन्डरके पानी हो । मन लग्ना पिना, करठै बहाना मनो,टेन्सनमे...


जहर डंगौरा

जहर डंगौरा

नाटक

नाटकबाध्यताके सिकारपात्र हुक्र ःडिलसिंह ः जिम्डर्वाबिस्न्या ः कमैयाँ (डिलसिंहके पुरान कमैयाँ)चुल्ही ः...


मानबहादुर पन्ना

मानबहादुर पन्ना

हजारौं रहर बोक्के नेंगटुँ

गजल हजारौं रहर बोक्के नेंगटुँ इ देशमे ।सपनक् शहर बोक्के नेंगटुँ इ देशमे । यडि भेटैम कलेसे बुद्धहे जरुर...


सागर कुस्मी

सागर कुस्मी

तलास

कवितातलास अधियारि रातमें बस एक जुगनी की तलास मेंजा उजडो गाउँसे बस एक जिन्दगीके तलास मेंमनभर हजार सपना और हजारौँ...


लक्ष्मी राना

लक्ष्मी राना

मुक्तक

मुक्तकरिमा चौधरीप्रकृटि ओ रिटिसे भरल हमार यि देश ।अलग्गे बा संस्कृति अलग्गे बा परिवार ।भासा रहे जाहे पहिरन रहे...


रिमा चौधरी

रिमा चौधरी

मुक्तक

मुक्तकलाहुराम चौधरीपहिचानके लग भोट लेले बटैं नेताहुँक्रे ।ज्या कलेसे धोखा डेले बटैं नेताहुँक्रे ।कहनम ओ कर्नम...


लाहुराम चौधरी

लाहुराम चौधरी

गजल

गजलबलराम चौधरीअपन भविष्य अप्निहि बनाके टुँ ।ठोर बहुट रुपिया पैसा कमाके टुँ । अपन घर परिवार चलैटि बटो,सारा खर्च...


बलराम चौधरी

बलराम चौधरी

लावा बरस कलक् का हो ?

मनमती बखरियापरापूर्व कालसे बहार देशम लावा बरसके रुपम (म्भअझदभच बिकत व्बलगबचथ ज्ञकत) पुष १५ ह मन्टी आइल डेखा परठ...


मनमती बखरिया

मनमती बखरिया

डगर डेखैटी रहो

कविताडगर डेखैटी रहो टुँ कबो चहकट रहोटुँ कबो महकट रहोटुँ प्रेरणा बनके चमकट रहोकबु छाइ बनकेकबु बहिनियाँ बनकेकबु...


कर्मवीर चौधरी

कर्मवीर चौधरी

छैली टुँ

कोरोना सबके मनमें डर त्रास बनैले बा ।दुनियाभरके मनैंन सत्यानाश बनैले बा ।।छैली मै रोटी पैकम टो टुँ बेल्हो ना...


कर्मवीर चौधरी

कर्मवीर चौधरी

जोंजा

वीर बहादुर राजवंशीकंचनपुर जिल्ला कृष्णपुर नगरपालिकामे विस२०५४ साल वैशाख महिनामे थारू भाषा तथा साहित्य उत्थान...


वीर बहादुर राजवंशी

वीर बहादुर राजवंशी

मोर मुटुक् डुम्मा

शान्ती चौधरीमै कंचनपुर सडकघाट कना गाँउमे मोर मामा ओइनके घर बैठुुँ । मोर डाइ महिन सडा डिन महिन मोर मामाके घर छोरके...


शान्ती चौधरी

शान्ती चौधरी

मुक्तक

मुक्तकतिलक चौधरीटुहिन आब मैयाँ कर्टि रहममै प्यारी सास रहत सम ।डिया जस्ते हो बर्टि रहममै प्यारी सास रहत सम...


तिलक चौधरी

तिलक चौधरी