सोनमे सुहावन घोरीघोरा

इतिहास २९ पुष २०७६, मंगलवार Hits : 1521
सोनमे सुहावन घोरीघोरा

                                
निलमकुमार चौधरी
 विश्व रामसार सुचीमे सुचीकृत हुइल एक दशक पार हुइलेसे फेन संरक्षण ओ प्रवद्र्धनमे खासे फड्को मारे नैसेकल कैलालीके घोरीघोरा तलुवा आबभर आपन मुहार फेर्ले बा ।

तलुवा संरक्षण ओ प्रवद्र्धनके लाग सहयोगी हातहुकनके सक्रियता बह्रलपाछे ओस्तही फेन मनोरम प्राकृतिक, ऐतिहासिक तथा धार्मिक दृष्यसे भरल घोरीघोरा क्षेत्र सोनमे सुहावन बने पुगल हो । तलुवा क्षेत्र वि.स. २०५९ सालमे विश्व रामसारमे सुचिकृत हुइल हो ।

पाछेक समय तलुवा क्षेत्रमे भौतिक संरचना निर्माणके काम फेन धिउर गति लेसेक्ले बा । एकबर्षके अबधिकिल हेर्न हो कलेसे स्वागत गेट, सुचना बोर्ड, शौचालय, पानी गेट निर्माण तथा मर्मत, पैडल मार्ग, भ्यु टवार संरक्षण तथा तलुवा प्रदुषण कम करेक लग नेटजाली घेरबार लगायतके काम हुइल बा । अब्बा घोरीघोरा क्षेत्रहे जिल्ला भु–संरक्षण कैलाली, जिल्ला वन कार्यालय, जिल्ला भु–परिधि ताल कार्यक्रम, नेपाल पर्यटन बोर्ड कैलाली लगायतके संस्था सहयोग कराटी रहल बटैठै घोडाघोडी क्षेत्र संरक्षण तथा जनजागरण मञ्चके अध्यक्ष दिपेन्द्र शाही ।

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उहाँ जिल्ला भु–संरक्षण कैलालीके १ लाख ८० हजार आर्थिक सहयोगमे पैडल मार्ग ओ भ्यु टवार संरक्षण तथा तलुवा प्रदुषण कम करेक लग नेटजाली घेरबार, जिल्ला बन कार्यालय कैलालीके ७ लाख ५० हजार आर्थिक सहयोगमे नयाँ पानी गेट निर्माण तथा पुरान पानी गेट मर्मत ओ नेपाल पर्यटन बोर्ड कैलालीके ५ लाख आर्थिक सहयोगमे सुचना केन्द्र, फोहर मलाई ओ बाह्य तथा आन्तरिक पर्यटकहुकनके लाग सुचना बोर्डके ब्यबस्थापन हुइल जानकारी देलै ।

दातृ संस्थाके आर्थिक सहयोगसे काम थालनी करल मने सम्झौता अनुसार अभिन रकम निकासा नैहुइल बटैटी अध्यक्ष शाही अभिन कुछ काम कर्ना बाँकी रहल जनैलै । उहाँ कहलै–‘दातृ संस्थाके आर्थिक सहयोगमे काम सुरु हुइल बा मने कहल बमोजिम रुपैयाँ भुक्तानी नैहुइल हो ।’

तमान संस्थाके आर्थिक सहयोगमे एकबर्षके अवधिमे घोरीघोरा क्षेत्रके मुहार फेरल कहटी उहाँ अइना दिनमे अन्य संस्थाके सहयोग मिल्लेसे घोडाघोडी क्षेत्र थप व्यवस्थित हुइना दावी कर्लै ।
अध्यक्ष शाही घोरीघोरा ताल प्राकृतिक सम्पदासे भरिपुर्ण हुइल कहटी, तलुवा मार्फत पहिल प्राथमिकतामे स्थानीय समुदायके आयस्तर सुधार करैना ध्यान देना बटैलै । घोडाघोडी क्षेत्र संरक्षणभित्तर पर्ना तमान स्रोत ओ साधनके प्रयोग कैके आर्थिक बृद्धिके साथसाथे यी क्षेत्रके पहिचानके लाग सब जाने लग्न आवश्यक रहल उहाँके कहाई बा ।

‘घोडाघोडी रामसार क्षेत्र संरक्षणके सवाल एकथो चिन्ताके विषय बनल बा,’ उहां कहलै–‘यकर लाग सक्हुनके ऐक्यबद्धता जरुरी बा ।’ ‘निरन्तर प्राकृतिक सम्पदाके संरक्षण करे नैसेकब कलेसे भविष्यमे प्राकृतिक सम्पदा लोप हुइजाई ओ मनैनहे बहुत बरवार क्षति बेहोरेक परी । आब प्राकृतिक सम्पदाके संरक्षण करेक लाग सक्हुनके हातेमालो अवश्यक बा’ आघे कहलै ।

ओस्तेके घोडाघोडी नगरपालिकाके पहिचान घोडाघोडी ताल रहल बटैठै घोडाघोडी नगरपालिकाके कार्यकारी अधिकृत गणेश विक्रम शाही । उहाँ घोडाघोडी नगरपालिका अन्तर्राष्ट्रिय रामसार सुचीमे सुचिकृत घोडाघोडी सिमसार क्षेत्र, धार्मिक स्थल बुट्का बाबा मन्दिर, चिडिया ताल, चुरे क्षेत्र, सिताकुण्ड लगायतके धार्मिक तथा सांस्कृतिक मठमन्दिर, तालतलैया ओ प्राकृतिक सम्पदासे भरिपुर्ण हुइल कहटी स्रोत साधनके उचित व्यवस्थापन ओ प्रचारप्रसार कैना आवश्यक रहल बटैलै ।

घोरीघोराके संरक्षण, सम्बद्र्धन तथा प्रचारप्रसारके लग आर्थिक बर्ष ०७२÷७३ मे २ लाख ५५ हजार रकम गुरुयोजना बनाइक लाग ओ आर्थिक वर्ष ०७३÷७४ के लाग १ लाख ५० हजार रकम सुचना केन्द्र निर्माणके लाग नगरपालिकासे विनियोजन करल अधिकृत शाही जानकारी देलै । घोडाघोडी नगरपालिकाहे नमुना नगरपालिका बनैना तमान प्रयास सुरु हुइल कहटी, धार्मिक तथा पर्यटकिय क्षेत्र घोरीघोरा तालुवाके महत्वपुर्ण भुमिका रहल समेत उहाँ बटैलै ।

ओस्तेके कुछ बरष यहर घोरीघोरामे वर्षके एकचोट लावङ्गी पुजाके अबसरमे लावङ्गी पुजा तथा घोरीघोरा महोत्सवके आयोजना करलपाछे घोरीघोरा तलुवा संरक्षण, सम्बद्र्धन तथा प्रचारप्रसारमे टेवा पुगल घोरीघोरा संस्कृती संरक्षण समितिके अध्यक्ष जग नारायण चौधरीके कहाई बा । थारु समुदायमे पौराणिक कालसे मनैटी आइल कला, धर्म, संस्कार ओ संस्कृतिहे उजागर करना कहिके महोत्सबके आयोजना करलेसे फेन महोत्सवके मुख्य उदेश्य घोरीघोराके संरक्षण, सम्बद्र्धन तथा प्रचारप्रसार कैना रहल उहाँ बटैलै ।
ओस्तेके यहाँके स्थानीयहुकनहे आर्थिक रुपमे आत्मानिर्भर बनाइक लाग घोडाघोडी क्षेत्रके संरक्षण अवश्यक हुइल बटैठै सेक्टर वन कार्यालय पहलमानपुरके अधिकृत लाल नारायण सिंह ।

उहाँ सिमासार क्षेत्रके रुपमे चिन्ना घोरीघोरा तलुवा क्षेत्रके टमान स्थानमे अतिक्रमण हुइसेक्ना कहटी, यकर संरक्षणमे जुटन सुझाब देलै । बिश्वमे हुइटी रहल बातावरण प्रदुषण, जलबायु परिबर्तन, तापक्रम बृद्धि लगायतके समस्या समाधान कैनामे प्राकृतिक सम्पदासे भरिपुर्ण घोरीघोरा तलुवा लगायतके क्षेत्र संरक्षण कैना जरुरी रहल अधिकृत सिंह बटैलै ।

घोरीघोरा तलुवाके पानी सिचाईमे प्रयोग कैनासेफे तलुवाहे कैसिके मजा बनैना ओहर ध्यान देना अवश्यक रहल बसन्ता संरक्षित बन कार्यक्रमके अध्यक्ष पुस्कल बहादुर बमके कहाई बा । बसन्ता संरक्षित बनुवामे ८७ थो ताल तलैया हुइल कहटी, पर्यटकिय तथा पिक्निक स्थल बनाके आयआर्जन करेसेक्ना बटैलै । बसन्ता संरक्षित बनुवामे पर्र्ना घोड्ताल, कोईहुबा तालुवाहे पर्यटकिय गन्तव्य स्थान बनाइक लाग सरकारी, गैरसरकारी, स्थानिय निकाय लगायतके हातेमालो जरुरी रहल उहाँ बटैलै ।

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ओस्तेके विश्व रामसार सुचिमे सुचिकृत घोरीघोरा तलुवामे पहिलेक तुलनामे अब्बा पंक्षी संरक्षणमे एकदमै सुधार हुइल बटैठै नेपाल पंक्षी संरक्षण संघके अधिकृत हिरुलाल चौधरी । उहाँ पाछेक गणनामे घोरीघोरा रामसार क्षेत्रमे दुई सय ६३ प्रजातिके चिरै रहलमे ३८ प्रजातिके चिरै बह्रल जानकारी देलै । अधिकृत चौधरी विश्वसे १० प्रजाति ओ नेपालसे १८ प्रजातिके चिरै लोप हुइना अबस्थामे रहल उ प्रजातिके चरा यहाँ फेला परटी रहल बटैलै । उहाँ लोकोन्मुख अबस्थामे रहल राजहाँस, हरिहांस, नादुल हाँस, लघुमाछा चिल, भुईचिल, रैथाने ओ सुचक प्रजातिके चिरै लगायतके चिरै यी क्षेत्रमे रहल बटैलै ।

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