शुक कुँवार १४ | थारु संम्बत:२६४५
१४ आश्विन २०७९, शुक्रबार
September 30, 2022

२० खिल्लि चुरोट ओराइल उ राट

२३ पुष २०७८, शुक्रबार
२० खिल्लि चुरोट ओराइल उ राट

सुदूरपश्चिमके पहाडी जिल्लाके दुर्गम गाउँ । उहोरे जलमलक्  ओहे बहरलक् । उमेर बहरटि गइलमे सुन्दर भविष्यके खोजीम् सहर पैठट् एक युवा । आपन सुन्दर भविष्य बनैना सपनासँगै परिवारके जिम्मेवारी बोक्के उ सहर पैठलमे सनचसे बैठे बटे नैहुइल । कोइ नाटपाँट् ओ चिनजानके मनैन्के सहयोगसे उ कुछ दिनमे काम  भेटाइठ् । अपन कर्महे कपारम् िधारके जीवनके सुख दुःखक् परगाम् रङ भर्ना क्रम फेन धिरेसे सुरु हुइठिस् ।
उहे क्रमम् एक दिन ओकर एक सहरिया युवतीसे भेट  हुइठिस । गाउँम् बहरलक् मनैया सहर पैठ्लक् धेर समय हुइल नै हुइल रहिस् । सहरके जीवनशैलीहे सुस्तगतिम् अनुभुत कर्ना क्रममे उ युवतीक्सँग बाट हुइटि जैठिस । प्रशान्त महासागरसे धेर उ युवतीक् प्रेमके गहिराइम् डुब्लक् उहि पत्तै नैहुठिस् । यहाँसे सुरु हुइठिस आकर भविष्य ओ प्रेम कहानी ।
भविष्यके बाट औरे कथाम् बटैम् । आज माया प्रेमके बारेम कुछ शब्दजाल बिन्ना कोसिस करटु  । हुइना टे इ मोर कथा लिख्ना पहिला प्रयास हो । धेर ठाउँम गल्ती हुइसेकि । मने एक लेखकहे अत्रे कहिके पाँजर लग्ना छुट नैहो । टबु फेन गल्ती सुधर्ना प्रयास भर निरन्तर रहने बा । अब फेन बाट् चिट् जाइ टे ना । मै गाउँसे सहर पैठेल एक युवाके प्रेमकथा सुनाटहुँ । प्रेमके महासागरमै डुबेपाछे धरै बाट टे अप्ने ओइने पटा पासेकल हुइबि । टबु फेन  कोइ बाट नै । मै मजासे सुनैम् उ प्रेम कहानी ।
उमेर पुगलक् युवा परिपक्क युवतीसे प्रेम कर्ना कौनो लावा बाट नैहो । मने इ प्रेम कहानीम् भर कुछ लावा अवश्य भेटाजिने बा । जलौहौवक् जालम् मच्छि फसे हस प्रेममे लटपटाके उ जोरियक् दैनिक बाट हुइना , घुमे जैना लगायतके विषय टे जरुर रहठ आजकालको प्रेममे ।  मने इ जोरिया प्रेमके परिभाषाहे आधारभूत रुपमे हुइलेसे फेन पुष्टि कर्ना प्रयासमे गिरावट आइ नैदेहल । सब चिज ठिक चल्टि रहे । दुनु जे एक एकप्रति धेउर समर्पित फेन रहिठ् । एक जहनके कपार बठैलेसे औरे जहन जुरि अइना करिन् । अत्रा बटाइलमे बुझढारल हुइबि उ प्रेम कत्रा पवित्र बा कहिके ।
असिके ४ वर्ष पुरा हइलग्लक् पत्तै नै चल्लिन् । आब  भोज करेपर्ना बाध्यता दनु जहनके सामू आइलाग्लिन् । दुनहुनके घरेम् भोजहा बाटक् दबाब आइना सुरु होगैलिन । उक्त प्रेमलिलाके बारेम् दुनु जहनके परिवारके सदस्यन् पूर्ण रुपमे जानकार रहिन् । मने उ  प्रेम जोडीहे पूर्णता देना भर एक परिवार फेन राजी नैहइलैं । उ जोरिया फेन परिवारके कहल बाट मन्ना बचन करलै । ओ, उ प्रेम यात्रा सकिने संकेत देखाइ लागल । मने दुनु  जने एक दोसर हे कर्ना मायामे भर रत्तिभर कम कमने हुइलिन । ओकर पाछे फेन  आइनके बाटचिट सँगै कबुजबु भेटघाट हुइटिरना करिन ।
एक दिन पहिलेक जस्टै आइनके भेट हुइठिन् । उ भेटमे फेन हलि अलग हुइना विषय प्राथमिकता पाइठ् । उहे विषयो बहस समेत हुइठ् । प्रेमिल वातावरणमे हुइल भेटघाट ओराइल पाछे दुनुजने आ–आपन् घरे ओर लाग्ठै ्। कहानी ओरैले नैरहठ । माया ओरैना टे दिवा सपना हो ।
आब, शिर्षकके विषयमे कुछ कहुँ टे ना । शिर्षक २० खिल्ली चुरोटके बाट हे उल्लेख करल बा । अत्रा कहल मे अधिकांश पाठक आइने लेखक टे चुरोट सेवन गर्नेवाला ठहरल कना स्वभाविक बाट हो । मने इ कहानीम् लेखक् चुरोट तानल नैहो । तानठ् ÷ नैटानठ् उ प्रश्नक् जबाफ औरे कथाम् बटैबु । उ कहानीम् चुरोट जारजिना के कारन औरे बा । एकदिन रातिके साढे १२ बजल रहे । लेखेकसँगे रहल एकठो संघरिया कहल प्रेम मे धोका पाइल रहे । बिछोडके घाउहे चुरोटके निकोटिनस मजा करैना आकर चाहना रहलहुहिस । लेखक उठ्हि रहल मे उ दिलजले इे कथा लिखठ्सम्म २० खिल्ली चुरोट सुरुक् सेकल रहठ् । नैटे इ कथाके शिर्षक औरे रहे ।
बाँकी रहल इ प्रेम कहानीक् यात्रा, उ ओराइठ् कि पूर्णता पाइठ् ? यकर सम्पूर्ण जानकारी औरे अंशमे ।