कोटा छुट्यइना थारु आयोगके सिफारिस

समाचार २६ चैत्र २०७७, बिहीबार Hits : 31
कोटा छुट्यइना थारु आयोगके सिफारिस

काठमाडौं, २६ चैत । थारु आयोगसे थारु समुदायके निजामती सेवामे सहभागिता कोटा घटाइल कहटी निजामती विधेयकमे संशोधन कैना सरकारहे सिफारिस करले बा ।

बुधके बैठल थारु आयोगके बैठकसे जनसंख्याके आधारमे प्रतिशत तोकके राज्यके हरेक क्षेत्रमे थारु समुदायहे समानुपातिक समावेशिताके व्यवस्था कैना नेपाल सरकारहे सिफारिस कैना निर्णय करल आयोगके अध्यक्ष विष्णु चौधरी बटैलैं ।

उहाँ कहलै, ‘प्रतिनिधिसभाके राज्य व्यवस्था ओ सुशासन समितिसे पारित करल विधेयकमे थारुहे अन्याय करल बा । थारु महिला ओ थारु समुदायके प्रतिशत (५+७) हे औसत गणना करेबर ६ प्रतिशत किल हुइ आइठ् । मने समितिसे जथाभावी हिसाब कैके थारु समुदायके हकमे घटाइल बा । यि थारु समुदाय उप्परके विभेद हो । यिहिहे संशोधन कैना जरुरी बा ।’

उहाँ संघीय निजामती सेवाके गठन, सञ्चालन ओ सेवाके शर्तसम्बन्धी विधेयकमे समावेशी कोटामे परल अन्य समुदायके प्रतिशत तुलनात्मक रुपमे वृद्धि करल मने थारु समुदायके हकमे घटाइल जिकिर करलंै । उहाँ कहलै, ‘अइसीन अन्यायपूर्ण निर्णय आयोगहे स्वीकार्य नैहो । यिहिसे निजामती सेवामे यि समूहके सहभागिता कम हुइ जैना डेखजाइठ् । हम्रे सरकारहे संशोधनके लाग सिफारिस करले बटी ।’

उहाँ आयोगके निर्णय सरकार ओ संघीय मामिला ओ सामान्य प्रशासन मन्त्रालयमे लेखके पठैना बटैलंै । उहाँ कहलै, ‘यिहिसे निजामति सेवामे यि समूहके सहभागिता कम हुइ जैना डेखजाइठ् । ओहेक मारे विधेयकमे तुरुन्त संशोधन कैके निजामती सेवामे थारुहुकनके पदपूर्ति प्रतिशत थारु समुदायके जनसंख्या ओ निर्वाचन ऐन बमोजिम कायम कैना नेपाल सरकारहे सिफारिस कैना निर्णय करगैल । मने समिति ओ मन्त्रालयसे मनमौजी करे मिली ? हम्रे पत्र लिखके संशोधनके लाग पठैले बटी ।’

नेपाल सरकारसे भर्खरे संसदमे पेश हुइल संघीय निजामती सेवा विधेयकमे पदपूर्ति सम्बन्धी विशेष व्यवस्था अन्तर्गत थारु महिलाहे ५ प्रतिशत ओ थारु समुदायके लाग ७ प्रतिशत कोटा निर्धारण करले बा ।

निर्वाचन ऐन २०७४ से थारु समुदायसे उम्मेदवारके बन्दसूचीके समावेशी आधारमे ६.६ प्रतिशत निर्धारण करले बा । जनसंख्याके आधारमे निर्धारित उ आधारसे कम प्रतिशत थारु समुदायके लाग निर्धारण कैके प्रस्तावित विधेयकमे पदपूर्तिके व्यवस्था हुइल बा ।

यिहिसे आघे राज्य व्यवस्था समितिसे निजामती सेवामे आरक्षणके ५० प्रतिशतहे शतप्रतिशत मानके पुनः समावेशी आरक्षणके लाग छुट्याइल रहे । जेम्ने दलित १३ प्रतिशत, आदिवासी जनजाति २६ प्रतिशत, खसआर्य २८, मधेशी १६ प्रतिशत, थारु ५ प्रतिशत, मुस्लिम ४ प्रतिशत, पिछडल क्षेत्र ४ प्रतिशत ओ अपांगता रहल व्यक्ति ४ प्रतिशत आरक्षण पैना निर्णय करल रहे ।

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