मोहनपुरके छोट मिठ परिचय ओ इतिहास

इतिहास २१ बैशाख २०७८, मंगलवार Hits : 142
मोहनपुरके छोट मिठ परिचय ओ इतिहास


सागर कुस्मी
परिचय:-
कैलाली जिल्ला गाउँ, गाउँ से भरल जिल्ला हो । यहाँ ११ थो स्थानीय निकाय बा । ओहे निकाय मन्से कैलारी गाउँ पालिका वडा नं ३ मोहनपुर (साविक हसुलिया-४) फेन एकथो थारु बस्ती रहल गाउँ हो । मोहना लदियक धिकुवामे हुइलेक ओर्से इ गाउँक् नाउँ मोहनापुर परल हो कहिके गाउँ बासिन के कहाइ बा । पाछे मोहनापुर कहती कहती मोहनपुर हुइलक हो । वि.स. २०३६ साल मे तमान ठाउँ से बसाई सर्के आइल गाउँ हो मोहनपुर ।

सिमाना:-
दखिन ओर भारत के सिमाना, उत्तर ओर घुरहा लदिया, पुरुब ओर शिवरत्नपुर गाउँ ओ पस्छिउ ओर मोहना लदिया परठ । सुरु मे बैठेबेर यहाँ खाली दरुवा किल रहे । कौनो मनैन्के बास नै रहे । दखिन ओर भारतके बनुवाँ रहे । जब मनैंन के बसाइ हुइ लागल ते जम्मा १८ घर किल रहे । पाछे धिरे धिरे बर्ह्ती गैल । अब्बे ८८ घर परिवार बटैं । पुरा थारुन्के किल घर बा । टमान ठाउँसे कमाके आइल कमैयन के बैठाइल बस्ती हो मोहनपुर ।

ऐलानी जग्गा:-
मोहनपुर गाउँबासीनके बैठल ४० बरससे धेर होगैल मने अभिनसम लालपुर्जा नैपैले हुइँट । अपन हाँठम लालपुर्जा नैहुइलक ओर्से बैंक, बित्तीय संस्था, सहकारीसे ॠणके सुविधा से बन्चित हुइल बटैं ।

उच्च शिक्षाके अभाव:-
इ गाउँमे जनता प्राथमिक बिद्यालय फेन बा। २०५२ सालमे स्थापना हुइल कक्षा ५ सम पढाइ हुइठ । लेकिन उहिसे उप्पर शिक्षा लेहक लाग हसुलिया कि टे के गाउँ जाइ पर्ना बाध्यता बटिन मोहनपुरके विद्यार्थीनहे । बर्खाके समयमे मोहना लडियामे बार्ह हुइलक ओर्से शिक्षासे बन्चित हुइठैं । कैयो महिनासम स्कुल जाइ नैपाके पढाइमे समस्या भोग्टी आइल बटैं ।

जीवनसैली:-
थारुनके अपन छुट्टे पहिचान बा । ओहे ओर्से यहाँ बासी ठारु ओइने सर्ट, पैन्टर, कट्टु, सुरवाल लगैठैं । महिला ओइने लहँगा, बिलोज, सारी, अघरान, सुरवाल कुर्ता लगैठैं । मने अझ्कल ढिरे ढिरे पुरान संस्कृति लगाम हेरैटी गैल बिल्गाइठ ।

बलुहा जमिन:-
मोहनपुरके हावा पानी स्वच्छ बा । यहाँक माटी बल्खुसहा हुइलेसे फेन उब्जनी मजा बिल्गाइठ । हिउँदे बालीसे फेन नगदे बाली फरगर हुइठ । अझ्कल बहुत युवा तरकारी खेटीमे पस्ना चुहैटी बटैं ।

ओरौनीमे:-
मोहनपुरके सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक ओ शैक्षिक अवस्था अभिन ओत्रा हिरगर नैबिल्गाइठ । सरकारी सेवा सुविधासे अभिन दुर बटैं । उच्च शिक्षा के लाग उ गाउँक् युवन्के बहुत समस्या बटिन । ओहे मारे सम्बन्धित निकाय सरोकार ओला लोग मोहनपुर गाउँक् विकासके लाग ध्यान डेहे पर्ना बा । छिपल पाकल अग्रज ओइनसे पुरान पुरान लोक साहित्य जोर बिटोरके थारु लोकगीत ओ संस्कृति के दस्तावेजीकरन कैना अब्वेक युवनके कन्ढामे जिम्मा आइल बा । ओहेमारे मोहनपुरबासी ओइन्हे ढेर पाठ सिखे पर्ना बटिन । चलि सक्कु जाने अपन अपन ठाउँ से जागी ओ लागि मोहनपुर गाउँ समाज विकास कैना मे ।
सागर कुस्मी
(लेखक- धनगढीसे नियमित प्रकासित हुइना हरचाली साहित्यिक त्रैमासिक ओ निसराउ साप्ताहिक पत्रिकाके प्रकासक ओ प्रधान सम्पादक हुइटैं ।)

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