थारु साहित्यमे कैलारीक् चर्चा

थारु साहित्यमे कैलारीक् चर्चा

साहित्य/अनुसन्धान
थारु साहित्यमे कैलारीक् चर्चा
सागर कुस्मी

सुरुवाट
कैलाली जिल्लाहे थारु साहित्यके लाग सबसे मलगर ओ फरगर मान्जाइठ । थारुन्के सबसे ढेर जनसंख्या फेन कैलालीम् बा । थारु सामुदायके सबसे ढेर जनसंख्या हुइलेक ओर्से फेन हुइ सेकठ् सुदुरपश्चिम प्रदेसके आउरे जिल्लासे यहाँक् थारु भासा साहित्य दिन दिने भोगलार हुइटि जाइटा । ओम्हे से फे कैलारीक् गाउँपालिकासे थारु भासामे सबसे ढेर पोस्टा प्रकासन हुइल बिल्गाइठ् । इ आलेख मे कैलारी से प्रकासिट पोस्टा ओ स्रस्टा के बारेम् कुछ चर्चा कैगैल बा ।

१. मनिराम चौधरी
कैलारी गाउँपालिका वडा नं ८ पिर्ठिपुरके मनिराम चौधरी एक्ठो ख्याटी प्राप्त साहित्यकार हुँइट । मनिराम चौधरीक् अब्बेसम् ७ ठो ठारु भासक पोस्टा प्रकासिट हुइल बटिन । हुँकार पहिल पोस्टा विधवा उपन्यास (२०५७) हुइन् । ओस्टेके हिमालके मुस्कान (कबिता संग्रह २०५८), रसाइल करम (कथा संग्रह २०५९), मोरे चम्फा फुलवारे (खण्ड काव्य गीत संग्रह २०६०), दुखियारी बगिया (कथा संग्रह २०६१), बापसे पुत ज्ञानि फाँडाले बझाइ पानी (कबिता संग्रह २०६२), ओ हरबड्डा (निबन्ध संग्रह २०६२) प्रकासिट हुइल बटिन । गायन क्षेत्र ओर सक्रिय बिल्गैलक ओर्से इहिसे पाछे लावा कृति निकरे नै सेक्लिन । अज्कल हुँकार लेखन रुकल बिल्गाइठ । हुँकार गिट एल्बम ढेर निक्रल बटिन ।

२. सागर कुस्मी संगट
कैलारी गाउपालिका वडा नं ८ डख्खिन टेंर्हिक् सागर कुस्मी कैलाली जिल्लक ढुरखम्भा मन्जैथै । कैलाली जिल्ला मे थारु भासा साहित्य के अभियान सुरुवट करुइया जो सागर कुस्मी संगत हुइट । छित्कल थारु साहित्यिक सामाज , जिउगर साहित्यिक फतुवा , हिरगर साहित्यिक बगाल, के सस्थापक अध्यक्ष फेन हुइत । कैलालिमे नियमित साहित्यिक शृङ्खला चलुइया फेन सागर कुस्मी जो हुइत । सागर्व्के कैलालिम सब्से धेर योग्दान बतिन ।
सागर कुस्मी संगत गजल मुक्तक, कबिता, हाइकु, ताँका, कथा, लघुकथा, लोककथा, सस्मरन, निबन्ध, अनुसन्धान मुलक लेख लिख्ना मे हिरगर स्रस्टा हुँइट । हुँकार हस्ताक्षर गजल संग्रह २०६८, फुटल पोक्री गजल संग्रह २०६८, आँशके सागर मुक्तक संग्रह २०६९ प्रकासिट हुइल बतिन । ओस्टेके, भटौर हाइकु संग्रह , सागरके गागर गजल संग्रह , प्रकासनके टयारी मे बटिन । ओस्टेके रानी सरंगा कथा संग्रह, लोकगित संग्रह फेन प्रकासन के टयारी मे बटिन ।

३. हरचाली साहित्यिक त्रैमासिक प्रकासन
ओस्टेके कुस्मी हमार पहुरा दैनिक, पहुरा दैनिक मे नम्मा समय सम् अनुभव बिटोर्के साहित्यिक पत्रकारिता मे सक्रिय बटैं । २०७१ साल फागुन २८ गते जिल्ला प्रसासन कार्यालय कैलालि मे विधिवत रुपमे दर्ता कराके हरचाली साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिकाके प्रकासन कर्टि बटैं । एकर प्रकासक ओ सम्पादक कुस्मी अप्नही हुइटैं । कैलाली जिल्लामे अब्बे सम नियमित रहल एक्केठो किल साहित्यिक पत्रिका हो हरचाली । पाँच बरस से लगटार प्रकासिट हुइटि रहल इ पत्रिका अब्बे सम् १७ अंक सम् निकर सेकल बा ।

४. सर्मिला चौधरी सृष्टि
कैलारी गाउँपालिका वडा नं २ बसौटी के सर्मिला चौधरी सृष्टि एक समयमे बरा जोरडारसे डौरे भिरल रहिट थारु साहित्य मे । हुँकार मनके फुला (खण्ड काव्य कबिता संग्रह २०६२), दुखके हल्कोरा (उपन्यास २०६४) प्रकासिट बटिन । शिक्षण पेशा मे जिन्गी गुजरटि रहल सर्मिला के टिस्रा पोस्टा अभिन डेखा नैपरल हो । उहाँ अझ्कल साहित्य लेखन मे सक्रिय नै बल्गैठिन् ।

५. सन्जिप चौधरी
कैलारी गाउँपालिका वडा नं ६ बेंडौलिक् सन्जिप चौधरीक् जलमके दुखियारी (उपन्यास २०६५) छपल बटिन । गजल मुक्तक बिधामे कलम चलैलो पर अझ्कल उहाँ साहित्य लेखन से डुर बटैं ।

६. रामलखनर÷मानबहादुर चौधरी
कैलारी गाउँपालिका वडा नं ९ बनकन्डरिक् रामलखन चौधरीक् छल्मलकी (कबिता संग्रह २०६५) प्रकासिट बटिन । कलेसे ओहे गाउँक् मनबहादुर चौधरी ओ रामलखन चौधरी डुनु जे मिल्के विश्व शान्ति (संयुक्त कबिता संग्रह २०६७) प्रकासन कैले बटैं । अझ्कल डुन्हुन के कलम सक्रिय नैहुइन ।

७. दिब्य प्रयासी
कैलारि गाउँपालिका वडा नं ९ बन्कन्डरिक् युबा महिला साहित्यकार दिब्य प्रयासी के फेन मुस्कानके अस्रा (कबिता संग्रह २०६५) प्रकासन हुइल बिल्गाइठ् । प्रयासिक् लेखन फेन निरन्ठरटा नैहुइन ।

८. गणेश चौधरी
कैलारी गाउँपालिका वडा नं ९ समरचौराके गणेश चौधरी के फेन जिट्टल पटुहिया (उपन्यास २०७०) प्रकासिट हुइल बटिन । हुँकार लेखन फेन अझ्कल रुकल डेखाइठ् ।

९. मोतीराम चौधरी
कैलारी गाउँपालिका वडा नं ५ बैजपुर के मोतीराम चौधरी (मोति रत्न) के मनके बोझा (गजल संग्रह २०६९) प्रकासिट हुइल बिल्गाइठ् । गजल मुक्तक बिढामे कलम चलैलोपर अझ्कल हँुकार लेखन फेन निरन्टर नैबिल्गैठिन् ।

१०. चन्द्र प्रसाद चौधरी
कैलारी गाउँपालिका वडा नं ७ भुइयाँफाटा के चन्द्र प्रसाद चौधरीक् गजल माला (गजल संग्रह २०७०) प्रकासिट हुइल बा । अझ्कल उहाँ फेन लेखन मे सक्रिय नैबिल्गैठैं ।

११. रोदन चौधरी
कैलारि गाउपालिका वडा नं ७ बरका बसन्ता के रोदन चौधरीक् फेन कक्षा ७ मे पर्हेबेर पहिल कदम कबिता संग्रह २०७३ प्रकासिट बटिन । महिला स्रस्टा मे सब्से कम उमेर मे थारु भासा मे पोस्टा निकरुइया रोदन से अइना दिन मे मजा मजा पोस्टा निकर्ना सम्भावना बिल्गाइठ् ।

१२. सत्यनारायण दहित
कैलारि गाउपालिका वडा नं ५ मनाउ के सत्यनारायण दहित मुक्तक विढा मे डल्गर स्रस्टा हुइँट । हुँकार झिर्खी मुक्तक संग्रह २०७४ प्रकासिट बटिन ।

१३. दुर्जन कुमार चौधरी
कैलारि गाउपालिका वडा नं ६ बेंडौलिक् दुर्जन कुमार चौधरी अब्बे गजल मुक्तक मे अझ्कल पहुर्टि बटैं । दुर्जन थारु लोक कथा हे संकलन कैके हंसा (लोक कथा संग्रह २०७४) प्रकासन कैले बटैं । ओस्टेके साँखी गजल (संग्रह २०७५) फेन प्रकासन हुइल बटिन ।

१४. सिताराम चौधरी
कैलारि गाउपालिका वडा नं ६ बेंडौलिक् सिताराम चौधरी थारु लोक कथा संकलन कैके उरन्टा घोरुवा (लोक कथा संग्रह २०७५) प्रकासिट कैले बटैं । अझ्कल उहाँ लोक कथा, कबिता मे कलम चलैटी बटैं ।

१५. संयुक्त पोस्टा प्रकासन
एकल पोस्टा निकारे नैसेक्ले से फेन चली गोचाली मिल्के जाइ कना बिचार हे साटिक साटा कैके कुछ स्रस्टा संयुक्त रुपमे फेन पोस्टा प्रकासन कैले बटैं । कैलारी ८ डख्खिन टेंर्हिक् संगम कुस्मी फेन जेउनास (संयुक्त गजल संग्रह २०७१) सालमे १० ठो गजल प्रकासिट हुइल बटिन ।
ओस्टेके कैलारी २ बसौटि के दिपक चौधरीके बहल याद (संयुक्त मुक्तक संग्रह २०७३) मे २० ठो मुक्तक प्रकासिट हुइल बटिन । ओस्टेके कैलारी ५ बैजपुर के कबिता चौधरी ( कबिता काव्य ) , कैलारी ३ उत्तर भररिके दिनेश संगम, कैलारी ५ पबेरा के वीर चौधरी, कैलारी ७ भुइयाँफाँटाके चन्द्र प्रसाद चौधरी, कैलारी ६ बेडौलिके दुर्जन कुमार चौधरी लगायट १० जहन के २०÷२० ठो मुक्तक डुटिया (संयुक्त मुक्तक संग्रह २०७५) प्रकासन हुइल बा ।
इहे बगाल के कैलारी ४ के गाउक् हनुमान चौधरी, कैलारी ३ उत्तर भररी के दिनेश संगम, कैलारी ६ बेडौलिक् दुर्जन कुमार चौधरी, कैलारी ५ बैजपुर के मोतीराम चौधरी लगायट ६ जहन के टेंम्ह्री (संयुक्त गजल संग्रह २०७५) प्रकासिट हुइल बटिन ।

उपसंहार
कैलालिक थारु भासा साहित्य के अवस्था हेर्ना हो कलेसे बहुट मलगर ओ फरगर डेख्जाइठ् । भासा, साहित्य, संस्कृति, पहिचान जोगाइक लाग कैलारी गाउँपालिका भिट्टरके स्रस्टा किल नाही कैलाली जिल्ला भरिक सक्कु स्रस्टा लोगन के बहुट ढेर योगडान बटिन । गित, फिलिम, नाचगान, सांस्कृतिक अभियान जैसिन काम मे कैलारिक परगा बहुट आघे बर्ह्टी जाइटा । लोक साहित्य फेन ठाँउ पैटी बा । टमान स्रस्टा लोग लोक कथा संकलन कैके प्रकासन कैसेक्ले बटैं । अभिन फेन पुरान गिटबास, लोक कथा अनुसन्धान कैना जरुरी बा ।
अइना दिन मे अभिन फेन कैलाली जिल्ला थारु स्रस्टा लोग थारु भासा साहित्यके वृद्धि बिकास के लाग प्रगतिशील लेखन काम मे जोर लगैले से अभिन कैलालीक थारु भासा साहित्य आउर खनगर हुइटी जाइ । स्थानीय निकाय से सहकार्य कैके भासा साहित्य के निरन्तर रुपमे कार्यक्रम करे सेक्जैना डेख्जाइठ । नियमित मासिक साहित्यिक श्रृंखला करे सेक्लेसे लावा स्रस्टा जन्मना ढेर सम्भावना बिल्गाइठ । एकर लाग सक्कु थारु स्रस्टा लोग एकजुट होके जुर्मुरैना जरुरी बा ।

सन्दर्भ स्रोत ः
१. सर्वहारी, कृष्णराज । पुर्नाक ८ हरचाली साहित्यिक त्रैमासिक, कैलाली ।
२. कुस्मी, सागर । २०७३, स्थलगत अध्ययन ।
३. कुस्मी, सागर । २०७४, स्थलगत अध्ययन ।
४. कुस्मी, सागर । २०७५, स्थलगत अध्ययन ।
५. कुस्मी, सागर । २०७६, कुछ स्रस्टनसे पुछ्पाछ ।

लेखक कैलालीक् धनगढीसे प्रकासिट हरचाली साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिकाके प्रकासक ओ प्रढान सम्पाडक हुँइट ।

सागर कुस्मी

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जनआवाजको टिप्पणीहरू

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