मुक्तक

मुक्तक
प्रतिक्षा चौधरी
पक्का अइम् कह्ती भरोसा डैके गैलरहो ।
बच्पनके यादफे अपन् संगे लैके गैलरहा ।
कब अइबो कह्टी हेर्टी रहि टोहाँर डगर,
भेट होब भोजमे रोइटी महिन कैके गैलरहो ।
जानकी–५ पथरैया कैलाली

प्रतिक्षा चौधरी

प्रतिक्षा चौधरी

जनआवाजको टिप्पणीहरू

पाछेक साहित्य

गजल

पट्ठरहे खुशी पारक लाग फुला चह्राइक् परठ ।ना बोलठ् ना चलठ टबफें शिर झुकाइक् परठ । स्वार्थी समाज स्वार्थी संसार अस्टही बा यहाँ,केकरो चोटमे अपन मन काहे रुवाइक्


वसन्त चौधरी

सुर्खेत ओ दाङके सम्झना

संस्मरण कृष्णपुर गुलरिया कंचनपुरसे थारुनके धरोहर जोगराज चौधरीके नेतृत्वमे वडा नम्बर ३,५,६ केअध्यक्ष क्रमश सुन्दर चौधरी, आशुराम चौधरी, नत्थुराम चौधरी ओ


वीरबदाहुर राजवंशी


वसन्त चौधरी