भादा थारु होमस्टेके कुछ बात

भादा थारु होमस्टेके कुछ बात

भादा थारु होमस्टेके कुछ बात
कैलालीके धनगढी बजारके लग्गे रहल भादा गाउँके थारु होमस्टे थारु गाउँ पर्यटक स्वागत करक लाग अस्रामे बैठल बा । थारु गाउँ घरमे उत्पादित अर्गानिक खानपिन कम रुप्यामे थारु स्वाद लेहेसेक्ना थारु होमस्टे सदस्य शिवराज चौधरीके कहाइ बा । भादा गाउँके थारु होमस्टेके स्थापना २०६३ सालमे हुइल जानकारी डेलैं ।

धनगढी बजारसे करिब १७ किलोमिटर, चौमाला बजारसे करिब ७ किलोमिटर दुरीमे रहल थारु होमस्टे भादा गाउँमे २० घरमे होमस्टे संचालनमे बा । हरेक घरमे दुइ÷दुइ कोठक् घरके व्यवस्था फेन रहल बा । एक रातमे ८० जहनके बैठना बास डेहे सेक्ना व्यवस्था रहल होमस्टे संचालक समितिके सदस्य शिवराज चौधरी जानकारी डेलैं ।

होमस्टेमे आकर्षण ओ पहुना स्वागतके लाग थारु सांस्कृतिक कार्यक्रम डेखैना व्यवस्था रहल सदस्य शिवराज चौधरी जानकारी डेलैं । उहाँके अनुसार थारु झुम्रा, सखिया ओ लठ्ठी नाच, थारु जातिनके पहिचान जोगइना ५ दिने महोत्सवके फेन व्यवस्था बा । थारु घरमे होमस्टे संचालन हुइल ओरसे थारु खेतीबारी उत्पादित अर्गानिक टिना ओ खाद्यान्नके स्वाद लिहे सेक्जाइठ । होमस्टे अइना पहुनाके लाग विशुद्ध गाउँमे उत्पादित खाद्यान्न सामग्री ओ मासुजन्य वस्तुके उत्पादन पर्याप्त रहल होमस्टे संचालक सदस्या बटैलैं । ओस्टके स्वदेश ओ विदेश लगायत विद्यार्थी हुँकनके लाग फेन बैठ्ना बासके व्यवस्था रहल संचालक सदस्य बटैलैं ।

२०६३ से सुरु हुइल होमस्टे अइना पहुनाके लाग बैठ्ना कोठा ओ मासु खानाके फेन व्यवस्था बा । भादा होमस्टेमे अइना पर्यटकहे छुट्टे आनन्द ओ रमाइलो अनुभुति हइना शिवराज चौधरी बटैलैं । चारु ओर प्राकृतिक वनजंगलसे भरिभराउ होमस्टेसे कुइलही टलुवा ५ किलोमिटर के दुरीमे बा । जोगनियाँ टलुवा ओ झुलुंगे पुल फेन लग्गे बा । भादा गाउँ थारु होमस्टेके उत्तर ओर घँसिटा, पुरुब ओर समरचौरा गाउँ डख्खिन ओर बनवाँ रहल उ होमस्टेमे अइना पर्यटकहे छुट्टे आनन्द ओ रमाइलो अनुभुति हुइना भादा गाउँ थारु होमस्टे प्राय अनुसन्धानकर्ता, अवलोकनकर्ता, आन्तरिक ओ बाह्य पर्यटक अइटी रहल सदस्य शिवराज चौधरी जानकारी डेलैं । न्क्ष्श् संस्थासे प्राप्त सोलार ओ गिजरके व्यावस्था रहल बटैलैं । होमस्टेमे लागल प्रत्येक घरमे व्यवस्था बा । यी सामान न्क्ष्श् से प्राप्त हुइल शिवराज चौधरी बटैलैं । यी होमस्टे तारा गाउँ विकास समिति काठमाडौसे सुरु हुइल संचालक सदस्य जानकारी डेलैं । भादा गाउँके थारु होमस्टेसे प्राप्त हुइल आम्दानी अपन घर व्यवहारमे लगैना करल सदस्य शिवराज चौधरी जानकारी डेलैं । विसेस कैके पुस महिनासे पर्यटकके संख्या ढेर हुइटी गइल जानकारी डेलैं । भादा गाउँबासीनके पेशा खेती बारीसे ढेर होमस्टेमे प्राप्त हुइल जानकारी डेलैं ।

भादा गाउँके थारु होमस्टे ओर ढेर पर्यटक आकर्षक करेक लाग पिक्निक स्थल, पार्क लगायत पक्कि डगरके फेन व्यवस्था हुइलेसे आउर पर्यटक आर्कषक हुइटंै कना शिवराज चौधरीके कहाइ बटिन । ओस्टके भादा गाउँके थारु होमस्टे ढेरसे ढेर आघे बह्रइटी जैबि कना उहाँके थारु होमस्टेमे लागल मनैनके कहाइ फेन बा ।
रविता चौधरी

रविता चौधरी

रविता चौधरी

जनआवाजको टिप्पणीहरू

पाछेक साहित्य

भाषिक मृत्युसंगे पहिचानके सवाल

भाषिक मृत्युसंगे पहिचानके सवालएक जाने कले रहैं, महिन हेरके कोइ मै थारु हो कहे सेकी ? मोर पहिरन हेरलेसे आधुनिक समय अन्सारके कोट पाइन्ट लगैठु । आब अप्नही कहि


उर्मिला गम्वा थारु

मुक्त कमैया थारु, परम्परागत पेशा ओ प्रभाव

मुक्त कमैया थारु, परम्परागत पेशा ओ प्रभावकमैया प्रथा पश्चिम नेपालके दाङ से कंचनपुर सम फैलल डास प्रथा जस्टे हो । कमैया विशेष कैके घरके काम ओ खेतीपाती कामके


अन्जेल कुश्मी

थारु बोली जट्टिक उसिट लागठ, का ?

थारु बोली जट्टिक उसिट लागठ, का ?जबजब आँग ढिकठ, जिभ स्वाद नैपाइ लागठ, टब लिरौसीसे अन्सार लगाइ सेक्जाइठ कि जिउ चुम्मर नैहो, जीउक भिट्रि पुर्जम कुछ ना कुछ गरबर


शेखर दहित