सडकघाट गाउँक् ऐतिहासिक परिचय

सडकघाट गाउँक् ऐतिहासिक परिचय


परिचय
कंचनपुर जिल्ला गाउँ गाउँसे भरल जिल्ला हो । यहाँ ९ ठो स्थानीय निकाय बा । ओहे निकाय मन्से बेलौरी नगरपालिका फेन एक हो । यिहे नगरपालिका अन्तर्गत वडा नम्बर १० मे परना सडकघाट गाउँ फेन एकठो थारु बस्ती रहल गाउँ हो । यि आलेखमे सडकघाट गाउँके बारेम कुछ चर्चा कैल बा ।

सिमाना
डख्खिन ओर भारतके सिमाना उत्तर ओर शिवनगर गाउँ, पुरुव ओर सुटहिया लडिया ओ पस्छिउँ ओर भुरा गाउँ परठ । सुरुमे बैठेबेर यहाँ खाली डरुवा किल रहे । कौनौ मनैनके बास नैरहे । डख्खिन ओर बनुवाँ रहे । जब मनैनके बसाइ हुइ लागल टे जम्मा ४ घर किल रहे । पाछे ढिरे ढिरे बहर्टी गैल । अब्बे २५० घर परिवार बटैं । ओस्टेके ४० ठो गैरथारुनके घर फेन बा । सडकघाट गाउँ ५ ठोे टोल बा । ४ ठोे टोलमे पूरा थारुन्के किल घर बा । १ ठोे टोलमे गैरथारु ओ थारु डुुनु जातके मनै बटैं । टमान ठाउँसे बसाय सराइ सरके आइल मनैनके बस्ती हो सडकघाट गाउँ ।

यहाँक् जग्गा जमिन
सडकघाट गाउँ बासिनके बैठल ६५ बरस पुग्गैल कहिके यहाँ गाउँबासी जोखन चौधरी बटैलैं । यहाँक् किसान वि। स।२०२४ सालमे लालपुर्जा भेटैलैं । अब्बे पुरा गाउँ बासिनके लालपुर्जा हाँठ हाँठमे बटिन । । खेतीपाटिके लाग मलगर माटि बा । यहाँके किसान ८० प्रतिशत खुझि खेती करठैं । बाँकी २० प्रतिशत धान लगायत अन्य खेती फेन लगैठैं ।

उच्च शिक्षाके अभाव
यी गाउँमे एकठो आधार बिद्यालय किल बा । २०४४ सालमे स्थापना हुइल स्कूलमे ५ सम किल पर्हाइ हुइठ् । लकिन उहिसे उप्पर शिक्षा लेहेक लाग शिवनगर गाउँ कि टे कलकत्ता गाउँ कि टे भुरा गाउँ जाइ पर्ना बाध्यता बटिन । सडकघाटके विद्यार्थीनहे बर्खाके समयमे कानी लडिया हुइलक् ओरसे उच्च शिक्षासे बन्चित हुइठंै ।

जीवनशैली
थारुनके अपन छुट्टै पहिचान बा । ओहे ओरसे यहाँके बासिन ठारु मनैं ओइने सर्ट, पैन्टर ,कट्टु लगैठैं । महिला ओइने लहँगा, बिलोज, सारी, अघरान, सुरुवाल कुर्ता, मेक्सी, गोनिया लगैठैं । मने अझकल ढिरे ढिरे पुरान संस्कृति लगाम हेरैटी जाइटा । सडकघाटके हावा पानी स्वच्छ बा । यहाँके माटी पँकाहा ओ चिकटार माटी हुइलक ओरसे उब्जनी मजा हुइठ् पँकाहा माटी हुइलक ओरसे नगदे बाली डुुनु फर्गर हुइठ् । अझकल बहुट युवा कृषिमे लागल बटंै ।

साँस्कृतिक नाचगान
सडकघाट गाउँमे सखिया नाच ओ मघौटा नाच नचठैं । डसिया डेवारीमे नचठैं । यहाँ हरेक साल सिजन अन्सार टरटिहुवार मनैठैं । सक्कु गाउँक मनै मिलके टिहुवार मनैठंै । पहिले सक्कु टिहुवार मनैठैं । अझकल समयमे अन्सार बडल गैल बा । पहिलेके जस्टे अझकल टिहुवार नैमनैठैं । भोजभटेरमे फेन बहुट फरक होगैल बा । पहिले काठी पाटा टुरनासे लेके छेंउटा बिरा खाके नैनिप्टाइट् सम कम्टीमे एक अँठवार लागे । मने अझकल ओट्रा लम्मा भोज नैकरठैं । एक डु दिनमे निपटजाइठ् ।

ओरौनीमे
सडकघाटके साँस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक ओ शैक्षिक अवस्था आभिन हिरगर नैडेखजाइठ् । सरकारी सेवा सुविधासे गाउँक मनै गाउँ विकासके लाग पाइ नैसेक्ले हुइँट् । एकल लाग गाउँक् युवा जागे परना बेला आइल बा । पुरान पुरान थारु लोकसाहित्य, लोकगीत खोज अनुसन्धान करना जरुरी बा । उच्च शिक्षाके लाग स्थानीय निकायसे बहुमुखी क्यामपस स्थापाना करना जरुरी बा । ओहेमारे सडकघाटबासी ढेर पाठ सिखे परना बटिन । चलि सक्कु जाने अपन अपन ठाउँसे जागी ओ लागी सडकघाटबासी गाउँ विकासके लाग ।
रविता चौधरी

rabitachy63@gmail.com

रविता चौधरी

रविता चौधरी

जनआवाजको टिप्पणीहरू

पाछेक साहित्य

हे भगवान ओइनहे ना परच्वाएउ

पहिले टे सिरिजल, जलथल ढरटी ।सिरिजीटे गइलाहो कुसकही डाभ ।।हुइनाटे मै गल्ती फेन हो सेक्ठुँ । लकिन मही महा अचम्भ लागठ कि यी पृथ्वीके उत्पत्तीके पुरा इतिहास


भाष्कर देव चौधरी

समानता, शिक्षा ओ रोटी

मनै मुअक टे जर्मलक नै हो, बेन जियक टे जर्मलक हो । प्याट केल पालक टे जिना टे संकिर्ण वा घिनलक्टीक विचार हो । अ‍ैसिन घिन लक्टीक विचारह ठाउँ देलसे मनै उन्नतिम


शत्रुधन गोचाली

अपन लइकन सु–संस्कारवान बनाएक जरुरी

समयके गति अपन धुरीमे बहुट तेजीसे आगे बढतबा । एके केउनाई रोक पाई समयके गतिके साथ साथे हर एक चीजमे बहट तेजीसे परिवर्तन हो रहलबा । पहिलेक समय आउर अबके समयमे बहुट


श्याम सिटी