सावन महिना

सावन महिना

सावन महिना
मै आझ सावनके महिनाके बारेम बटाइ जाइटँु । खास कैके जन्नी मनैके मनैना टिहुवार हो । यी महिनामे जन्नी मनैं अपन ठरुवाके आयु लम्बा हुइस् कहिके बर्ट रठैं । अइना दिनमे काम पुरा हुइस् कहिके सावन महिनामे बर्ट रठैं । थारु समुदायमे चल्टी आइल अपन महिला ओइने सिंगार पटार कैैना चलन बा । यी चलन पहिलेसे चल्टी आइल बा ।

सावनके महिनामे हरियार, लाल, हडियार, चुरिया लगैठैं । हमार थारु जाटि हरियार गुरिया घल्ठैं ओ हरियार सारी, हरियार टिक्ली लगैठैं । सावनके महिनामे अपन अपन हाँठ हाँठमे सपजे मेहडी लगैना चलन पहिलेसे आइल हो । सावन महिनाके १ गतेसे ३० गतेसम मनैठैं । अस्टके सावन मनैटी सपजे अपन अपन लेहेर घर जिठैं । घरे पुग्के अपन अपन डाइ, बाबा हे ढोक सलाम लगटी सावन मनैटी डाइ, डिडि, बाबु, भौजी, ओ सक्कु परिवार सपजे बजार, डोकन जिठैं । डोकन जाके सवनियाँ चुरिया किनठैं ।

सावनके महिनामे हमार थारु जाटिन के जन्नी मनै अपन थारुनके लाग एक हप्टा बर्ट रठैं । सावनके महिनामे थारु जाटि हरियार चुरिया किल नाइ घाल्के अपन सक्कु परिवारहे हाँठ हाँठमे मेहडी लगैठैं । सावन महिनामे एक हप्ता बर्ट रना ओ खाना नाइ खाके फलफुल किल खैना चलन बा । सावन महिनामे बर्ट पुजा करके टुरठैं । उ डिन मेसे फलफुल मच्छी, मासु, भाट, पकाके खैना चलन बा । सावन महिनामे हमार थारु जाटिनके जन्नी मनै ढकिया, लेस, बिन्ना ओ थारु मनै सुप्पा, डिलिया, छिटुवा बिन्ठैं ।

सावनके महिनामे अपन खेट्वक् धान पनैना ओ धानमे डवाइ डरठैं । सावन महिनामे जस्टे फुटबल जैसिन खेलकुद कार्यक्रम फेन ढरठैंं । अस्टके सावन महिनामे थारु अपन अपन धानके अखोरी करे जिठैं । थारु मनैफें सजना गैठैं । थारु जाटि सावन महिनामे अपन अपन घरसे छेगरी, भेंरी चरहाइ जिठैं । सावन महिनामे मच्छी, घाेंघी, एकपटियक साग, पुट्कि, बेमटीके खोंटिया बनाके खैठैं ।

अस्टके सावन महिनकफें ढेर महत्व बटिस् । हमार बुडुबुडीनके सावन महिनाके अस्रा लगठैं । सावन महिना आइट् टे सजना गीत गैबि कठैं । सावन डिन घटावन फें कठैं हमार बुडु, बुडीनके टबेमारे सावन महिनाके महत्व बा ।
सपना चौधरी

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